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नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)| इस साल की सबसे फिसड्डी टीमों में से एक गिनी जा रही दिल्ली डायनामोज ने मंगलवार को बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए अपने 17वें दौर के मुकाबले में मुम्बई सिटी एफसी को 5-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ जहां दिल्ली ने आठवें स्थान पर 18 अंकों के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है वहीं मुम्बई का प्लेऑफ खेलने का सपना टूट गया है।

मुम्बई को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए किसी भी हाल में यह मैच जीतना था लेकिन बिना किसी अपेक्षा के खेल रही दिल्ली ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मुम्बई को दोयम साबित कर दिया। यह 17 मैचों में दिल्ली की पांचवीं जीत है। मुम्बई के 17 मैचों से 23 अंक हैं और वह अपना अंतिम लीग मैच जीतकर भी प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकती। इस साल उसका सफर समाप्त हो चुका है।

दिल्ली के लिए मैच का पहला गोल नंदकुमार सेकर ने पांचवें मिनट में किया लेकिन मुम्बई ने 49वें मिनट में एवर्टन सांतोस की मदद से बराबरी कर ली। इसके बाद दिल्ली ने मथायस मिराबाजे (74), मैनुएल एराना (81 पेनाल्टी), कप्तान कालू उचे (85) और लालियानजुआला चांग्ते (5-1) के गोलों की मदद से एकतरफा जीत हासिल की। दोनों टीमों के दो खिलाड़ियों को दो मौकों पर पीला कार्ड दिखाय और इसी कारण दोनों टीमें अंतिम 20 मिनट में 10-10 खिलाड़ियों के साथ खेलीं, इसके बावजूद खेल का रोमांच कम नहीं हुआ।

बिना किसी डर के खेल रही दिल्ली ने पांचवें मिनट में ही नंदकुमार की मदद से खाता खोलते हुए धमाका कर दिया। नंदकुमार और सत्यसेन सिंह ने चौथे मिनट में बेकार गए मुम्बई के हमले पर काउंटर अटैक किया। नंद गेंद लेकर आगे भागे बॉक्स के करीब पहुंचकर सत्यसेन को पास दिया और खुद बॉक्स में घुस गए। सत्यसेन ने बॉक्स में एक लो-क्रास पास दिया, जिस पर नंदकुमार ने गोल करते हुए मेजबान टीम को 1-0 से आगे कर दिया।

मुम्बई ने 30वें मिनट में एक अच्छा मौका बनाया। एचिल इमाना ने एक अच्छा फ्रीकिक लिया। शॉट में दम था लेकिन गेंद एराना से कंधों से टकराकर बाहर चली गई। इसी बीच मेजबान टीम ने 38वें मिनट में एक अच्छा मूव बनाया लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस हमले के केंद्र में नंदकुमार और एराना थे।मुम्बई ने हालांकि इसके जवाब में एक स्वर्णिम मौका 42वें मिनट में बनाया लेकिन दुर्भाग्य से उसे सफलता नहीं मिली। 

गोल की तलाश में मुम्बई ने दूसरे हाफ की शुरुआत में ही पहला बदलाव किया। मार्सियो रोजारियो को बाहर कर लियो कोस्टा ने मैदान में जलवा बिखेर दिया। 47वें मिनट में अपना प्रयास नाकाम होने के बाद लियो ने 49वें मिनट में एक अच्छा मूव बनाया और इस पर मुम्बई को पहली सफलता मिल गई। लियो ने बाएं किनारे पर बलवंत के लिए एक थ्रू-बॉल दिया, जिस पर बलवंत ने गोलकीपर जेवियर की परीक्षा लेनी चाही। जेवियर ने गेंद रोकी लेकिन वह रीबाउंड होकर एवर्टन सांतोस के रास्ते में चली गई। एवर्टन ने उसे कब्जे में लिया पोस्ट में डाल दिया।

जेवियर ने हालांकि 56वें मिनट में एक बेहतरीन बचाव करते हुए दिल्ली को पिछड़ने से बचाया। 59वें मिनट में साहिल को पीला कार्ड मिला। 67वें मिनट में दिल्ली ने अपने गोलकीपर को बदला। अर्नब दास अब मैदान पर थे। अर्नब ने आते ही 69वें मिनट में लियो कोस्टा के एक जोरदार शॉट को गोल में घुसने से बचाया।

दिल्ली ने इसके जवाब में 73वें मिनट में एक जोरदार हमला किया और सफरता हासिल की। दिल्ली को आगे करने वाला गोल मथायस मिराबाजे ने 73वें मिनट में किया। मिराबाजे ने लम्बी दूरी से एक बेहतरीन प्रयास किया और गेंद मुम्बई की रक्षापंक्ति को चीरते हुए पोस्ट में घुस गई।

78वें मिनट में दिल्ली के प्रतीक चौधरी को दूसरा पीला कार्ड मिला। प्रतीक को 24वें मिनट में पहला पीला कार्ड मिला था। अब दिल्ली 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर थी। मुम्बई पास अब मौका था। 80वें मिनट में एक नाटकीय घटना हुई। 

एराना गेंद लेकर मुम्बई के बॉक्स में घुसे लेकिन साहिल ने उन्हें गिरा दिया। दिल्ली को पेनाल्टी मिला, जिस पर गोल करते हुए एराना ने दिल्ली को 3-1 से आगे कर दिया। साहिल को दूसरा पीला कार्ड मिला और मुम्बई 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हुआ। 

दिल्ली के कप्तान कालू उचे ने बीते छह मैचों से हर मैच में गोल किया था लेकिन अब तक वह शांत थे। उचे ने हालांकि 85वें मिनट में इसकी भरपाई की और एराना की मदद से इस सीजन का अपना 11वां गोल किया। रही-सही कसर चांग्ते ने इंजुरी टाइम के पहले मिनट में मिराबाजे की मदद से गोल करते हुए पूरी कर दी और दिल्ली को इस सीजन की सबसे बड़ी जीत दिलाई।


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